समझ
पदम् पुराण के एक श्लोकानुसार… जलज नव लक्षाणी, स्थावर लक्ष विम्शति, कृमयो रूद्र संख्यक:। पक्षिणाम दश लक्षणं, त्रिन्शल लक्षानी पशव:, […]
पदम् पुराण के एक श्लोकानुसार… जलज नव लक्षाणी, स्थावर लक्ष विम्शति, कृमयो रूद्र संख्यक:। पक्षिणाम दश लक्षणं, त्रिन्शल लक्षानी पशव:, […]
इन काम करने वाले लोगों ने,इन अति कर्मवादी लोगों ने,जिनको लगता है कि काम ही सब कुछ है, उन्होंने भारी
गीली कच्ची मिट्टी समर्पित होती है.. अपने मूर्तिकार के प्रति .. अपने कुम्हार के प्रति … मुझे रौंदो, पीटो, मुझसे
Let Go आजकल ये दो शब्द बहुत प्रचलन में है हमें संबंधों को सही रखना है तो ये वाक्य सीखना
खुश रहने के लिए कोई न कोई भ्रम आवश्यक है मैं बहुत सुंदर हूंमैं बहुत ज्ञानी हूंमेरे पास बहुत पैसा
प्रिय आत्मीय जनोंसादर प्रणाम 🙏🏻आज एक कहानी कहने का मन हैराम चंद्र जी सीता जी के वियोग में वन वन
यदि कोई बहुत गहरी नींद में है, बिल्कुल गहरे नशे की हालत में… उसके अंदर जाकर कोई कैसे बताए कि
विराट तो होना चाहती है,महान तो बनना चाहती ,उसको समुद्र की विशालता तो चाहिए लेकिन खुद के अस्तित्व को खोना
धर्म और अध्यात्म की बाढ़ और आँधी दोनों एक साथ आई हुई हैं जिधर देखो उधर सब लोग किसी ना
पूरे जीवन पर्यंत मैंने खेती नहीं कीहाँ खेती के बारे मे पढ़ा काफीऔर दूसरों को उस विषय पर ज्ञान भी
विज्ञान के अनुसार शरीर से प्राण निकलने के बाद 7 मिनट तक मस्तिष्क काम करता रहता है आध्यात्म कहता है
हम सभी अपने चारो ओर होने वाले क्रिया कलापों मे किसी ना किसी भांति लिप्त रहते हैंउनमे से लगभग सारे