बहुत दुःख होता है जब मेरे जैसे अच्छे इंसान से कोई ऐसा व्यवहार करता है
अच्छा , आप खुद को कितना महान समझते हो ?
कितना भी बेहतर बन जाओ क्या भगवान से बेहतर बनना सम्भव है?
नहीं ना !!
प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु रोज भगवान नारायण को गाली देते थे
राम राज, यानी जहां सभी लोग हर तरह से सुखी ,
वहां प्रजा का एक व्यक्ती, अपनी पत्नी को डांटने के बाद बोलता है कि मैं कोई राम नहीं हूं
जो पराये घर मे इतने दिन पत्नी रह के आए और फिर उसको अपने घर मे रख लूं
सीता जी को लांछन लगाया गया
श्री कृष्ण , पूर्ण अवतार , परब्रह्म,….
उनको शिशुपाल गालियां दे रहा है
अरे जरा सोचो ..
तुम कहां ठहरते हो नारायण , सीता , या कृष्ण की तुलना मे ??
हर युग मे सब तरह के लोग होते ही हैं
इस वहम को मन से निकाल दो कि तुम अच्छे हो तो कोई तुम्हारी बुराई नहीं करेगा ,
तुम्हारे साथ धोखा नहीं करेगा ,
तुम्हारे साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा
ऐसे समय ही तो आपकी असली परिक्षा होगी
कि आखिर कहां तक पहुचें जीवन मे ?
ऐसे समय मे परिस्थिति को किस प्रकार संभालेंगे?
खुद का आंकलन करने को आई परिस्थिति को ध्यान से समझिए
अस्तु …..
भगवान हम सबको विवेक दे 🙇🏻♂🙏🏻
~~~~~ प्रभात पांडेय
