ठहरो दोस्त, बस एक मिनट, केवल 1 मिनट !!
एक छोटी से बात करनी थी, कुछ क्षण तुम्हारे चाहिए थे !
बस एक मिनट के लिए शांत बैठ कर आंख बंद करके अपने उन मिलने वालों के बारे में सोचो, जो इस दुनियां से चले गए
वो रिश्तेदार हो सकते है , संबंधी हो सकते है या फिर कोई मित्र या पड़ोसी
ईमानदारी से बताना कि आप उनके जीवन को किस तरह आंकते है ?
उन्होंने जो जीवन जिया क्या वो आपकी नजर में सार्थक था ?
क्या वो शानदार था ?
क्या समाज के ऊपर उन्होंने कोई प्रभाव डाला ?
या सिर्फ पैसा कमाने की दौड़ में लगे रहे, फिर एक मकान बनाया अपने बच्चो के लिए
और बच्चे भी आगे चल कर उस मकान में रहे नही …
फिर जीवन के अंतिम भाग में वो अपना पैसा अपनी बीमारियों पर लगा कर, एकाकी जीवन जीते हुए, इस दुनिया से चले गए
आप को आश्चर्य लग रहा होगा कि ये बाते कितनी सही है
लेकिन इसमें आश्चर्य की कोई बात नही है
हम आप भी तो वही कर रहे है !!
सोचने का विषय तो ये है कि हम क्या अलग कर पा रहे है ?
क्या हम भी उनकी तरह ही निरर्थक जी कर इस दुनिया से चले जायेंगे ? या जो करने इस दुनिया में आए थे वो करके जायेंगे
अस्तु…..
एक बार ठीक से सोचना जरूर 🙏🏻🙏🏻
.... Prabhat Pandey
