Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/pa9lyelnyb4d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

खेती


पूरे जीवन पर्यंत मैंने खेती नहीं की
हाँ खेती के बारे मे पढ़ा काफी
और दूसरों को उस विषय पर ज्ञान भी दिया
लेकिन अभी आश्रम बनने के बाद खेती से आमने सामने मुलाकात हुई
कुछ बातें जो बहुत महत्वपूर्ण है, पता लगी

  1. जिस फसल की जरूरत होती है उसे सही समय पर ही बोना होता है
    कुछ छोटी सी अवधि हमें मिलती है उतने दिनों मे ही बीज लगाओगे तब ही फसल होगी अन्यथा नहीं
  2. खेती मे फसल को समय समय पर खाद और nutrition चाहिए होते है
  3. और सबसे जरूरी है पानी , हर सप्ताह उसको पानी चाहिए ही , अन्यथा फसल सूख जाएगी
  4. बड़े मजे की बात है जो अनुपयोगी कांटेदार पौधे है वो बिना पानी के ही खेत मे उग आते है
  5. सामान्य खेती भी बहुत care चाहती है
    और कुछ लोग बोनसाई या अन्य कठिन पौधे लगाना चाहते है

और कुछ महान लोग सीधे सीधे केसर की खेती करना चाहते हैं

xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
सामान्य मानवीय रिश्ते साधारण खेती जैसे होते है
कुछ निश्चित समय ही हमारे पास है, जैसे अपने बच्चों के साथ खेलना , जब वो बड़े हो जायेंगे तो चाह कर भी आप उनको गोद में नहीं उठा पाएंगे
रिश्ते, जिसमें care रूपी खाद और प्रेम रूपी पानी की भारी जरूरत है

जो खेती मे पानी नहीं डालते, कांटों वाले संबंध अपने आप उसमे उग आते है

धार्मिकता रूपी बोनसाई को अभी ना आजमाए क्योंकि अभी आप मानव तक नहीं बन पाये है

पहले सामान्य मानवीय मूल्यों को जीना सीख ले

पर कुछ लोग बिना मानव बने सीधे आध्यात्मिकता रूपी केसर की खेती करने की सोचते है

कृपया फिर से पूरा लेख इस नए नजरिए से पढ़िए 🙏🏻

अस्तु…..
जीवन के हर कार्य कलाप को करते हुए हमारा विवेक जागृत रहे ऐसी प्रभु से प्रार्थना है 🙇🏻‍♂

       ~~~~प्रभात पांडेय    
   

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top